गुरुवार, 14 अक्टूबर 2010

अनमोल मोती

अपनी लड़की को विदा करते हुए रोती है माँ,
और जब पहली बार उसे गले लगाया था,
तब अपनी आँखें आसूँओ से भर लेती है माँ...

कल जो खिलाड़ी हारने के गम से रो रहा था,
आज वो ही खिलाड़ी जीतने की ख़ुशी से
अपने आसूँओ को रोक नहीं पा रहा था...

रोते हुए बिछड़ जाते है दो दोस्त,
बिरहा के बाद जब मिलते है,
तो आँखों में पानी दे जाते है दोस्त...

रोते हुए आया था इंसान,
शायद इस लिए इतना गहरा रिश्ता है उसका
इन खुबसुरत अनमोल मोतीयों से...

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